पत्थर की दीवार
कुछ हाथ नहीं आता। बस इंतज़ार, जब तक आप थक न जाएँ।
आपके हाथ कुछ नहीं लगता। उन्हें खुलने पर मजबूर करें।
मध्यमनिखरने वाले गुणसहानुभूति
इस विरोधी के साथ प्रैक्टिस करेंइनका तरीक़ा
उन्हें बातचीत ख़त्म चाहिए, बिना कुछ समझाए। छोटे जवाबों से इस पर उनका क़ाबू रहता है कि क्या बताया जाए और क्या नहीं: कंधे उचकाना, एक “शायद”, एक रूखा-सा “पता नहीं”। हर जवाब के साथ मेहनत फिर आपके हिस्से आ जाती है। ख़ामोशी भरना, उनके मतलब का अंदाज़ा लगाना और नए सवाल पूछना आपका काम बन जाता है, और जिस सवाल का जवाब एक शब्द में दिया जा सके, उसका जवाब ठीक एक शब्द में मिलता है। यह तरीक़ा इसलिए चलता है क्योंकि ख़ामोशी चुभती है, और जिसे वह सबसे ज़्यादा चुभती है, अक्सर बोलना, मिन्नतें करना या हार मानना उसी के हिस्से आता है।
इनके बोल
शायद।
पता नहीं। ये सवाल मुझसे क्यों?
जो है, सो है।
क्या काम आता है
उन्हें खोलता है एक सच्चा सवाल, जिसका जवाब कंधे उचकाकर न दिया जा सके। ऐसे खुले सवाल पूछें जिनमें दबाव नहीं, जिज्ञासा हो: उनकी राय क्या है, या इसमें मुश्किल क्या है। फिर इंतज़ार करें। ठहराव को रहने दें, उसे भरें नहीं। अगर वे थोड़ा भी बताएँ, तो अपनी अगली बात पर जाने के बजाय उसी टुकड़े पर दिलचस्पी से जवाब दें। कई बारियों तक लहजा एक-सा रखें, और अगर अभी सही वक़्त न हो, तो उन्हें बाद में जवाब देने का रास्ता दें। आपके धैर्य और लगातार दिलचस्पी से उन्हें बोलना, चुप रहने से ज़्यादा सुरक्षित लगने लगता है।
आप कहेंमुझे कोई जल्दी नहीं है। तुम्हें यह सब कैसा लगा? जब भी तैयार हो, बताना, मुझे सुनना है।
क्या उल्टा पड़ता है
ज़्यादा ज़ोर डालने से उनकी चुप्पी और गहरी होती है। ताबड़तोड़ सवाल, उनकी चुप्पी की शिकायत, या हाँ-ना वाले सवाल: इन सबसे उन्हें आसान छोटा जवाब या उठकर जाने का बहाना मिल जाता है। हर ठहराव को अपने अंदाज़ों से भरने पर उन्हें बस एक शब्द में हामी भरनी होती है, और कहना कुछ नहीं पड़ता। जवाब में रूखापन दिखाना बातचीत ख़त्म कर देता है, और उन्हें ठीक यही चाहिए था।
पता नहीं, किस तरह की बातचीत आपसे टलती रहती है? कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल क्विज़ दें।
मुफ़्त प्रैक्टिस मुक़ाबला
त्योहारों का बँटवारा
आपने त्योहार दोनों परिवारों में बाँटने की बात छेड़ी। अब हर जवाब एक शब्द का है, और ख़ामोशी ही बहस कर रही है।
यह मुक़ाबला मुफ़्त खेलेंडिनर पर कही गई बात
आपने दोस्त से कहा कि डिनर पर उनकी कही बात चुभ गई। उसके बाद बातचीत बंद। अब दोनों के बीच वही ख़ामोशी है, और हर सवाल का जवाब बस कंधे उचकाना है।
यह मुक़ाबला मुफ़्त खेलें
स्थिति
- मध्यम
पत्थर की दीवार
आपके सहकर्मी की ओर से न बातचीत, न काम की कोई जानकारी।
गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में): Stonewalling: what to do when someone shuts down
यही स्तर
- आगबबूलाहर समस्या एक आपातकाल है। ऊँची आवाज़ में।
- इमोशनल ब्लैकमेलरउनकी समस्या, आपका अपराधबोध।
- माइक्रोमैनेजरआप पर पूरा भरोसा। फिर भी हर चीज़ की दो बार जाँच।
- टोका-टाकीआपकी बात तब तक कटती रहती है, जब तक आप हार न मान लें।
- बतंगड़बाज़एक चूक, और सब कुछ ढह जाएगा।
- तानेबाज़तब तक कोंचना, जब तक आप भड़क न जाएँ, फिर आप पर उँगली।
- अफ़सरशाहनियम तो नियम हैं। ख़ासकर ग़लत वाले।