माइक्रोमैनेजर
आप पर पूरा भरोसा। फिर भी हर चीज़ की दो बार जाँच।
हर फ़ैसले पर सवाल। साबित करें कि आप पर भरोसा किया जा सकता है।
मध्यमनिखरने वाले गुणधैर्य
ब्राउज़र में मुफ़्त खेलेंमुफ़्त खाते से इस विरोधी के साथ प्रैक्टिस करेंइनका तरीक़ा
उनके हिसाब से आपका हर फ़ैसला उनकी नज़र और उनकी मंज़ूरी से गुज़रना चाहिए। सवालों के नीचे घबराहट है: अगर सब कुछ जाँच लिया जाए, तो कुछ ग़लत नहीं हो सकता। इसलिए उनकी फ़रमाइश आती है कि आप सब कुछ एक बार फिर समझाएँ, उनका सवाल आता है कि आपने दोबारा जाँचा या नहीं, और उनकी तरफ़ से ऐसे दुर्लभ मामले उठाए जाते हैं जिनके बारे में आपने सोचा नहीं था। यह तरीक़ा इसलिए चलता है क्योंकि अकेले में हर सवाल जायज़ लगता है। पहले एक सवाल का जवाब आपको देना पड़ता है, फिर अगले का, और जल्द ही काम करने की जगह आपका वक़्त अपनी क़ाबिलियत के बचाव में जाने लगता है, जिससे उनकी घबराहट घटती नहीं, बढ़ती है।
इनके बोल
तुमने इसे दोबारा जाँचा?
एक बार फिर समझाओ, यह नतीजा निकला कैसे।
भेजने से पहले मुझे इसका ड्राफ़्ट देखना है।
क्या काम आता है
उन्हें सुकून तब मिलता है जब उनके सवालों के जवाब पूछे जाने से पहले ही मिल जाएँ। प्लान लेकर आएँ, साथ में वे जोखिम जो आपने जाँच लिए, कुछ गड़बड़ होने पर आपका अगला क़दम, और यह कि आपकी अगली ख़बर उन्हें कब मिलेगी। कुछ तय पड़ाव बताएँ जहाँ वे प्रगति देख सकें, ताकि उन्हें हर चीज़ जाँचने की ज़रूरत न पड़े। जब कोई नया सवाल आए, तो उसका जवाब शांति से और संक्षेप में दें, और उसे प्लान में जोड़ लें। कई बारियों तक यही तरीक़ा बनाए रखें, तो सवालों की रफ़्तार धीमी पड़ जाती है, क्योंकि हर जवाब से उन्हें दिखता है कि काम संभला हुआ है।
आप कहेंमैंने आँकड़े दो बार जाँचे और जोखिम वाले दोनों मामले टेस्ट कर लिए। ड्राफ़्ट गुरुवार सुबह आपके पास होगा, और अपडेट शुक्रवार दोपहर 12 बजे।
क्या उल्टा पड़ता है
बचाव की मुद्रा बात बिगाड़ती है। उनसे भरोसा रखने को कहना, दोहराए गए सवाल पर आह भरना, या बिना दिखाए कह देना कि सब क़ाबू में है: इनमें से हर चीज़ घबराहट बढ़ाती है, और उनकी जाँच और कड़ी हो जाती है। गोलमोल जवाब और ज़्यादा सवालों को न्योता देते हैं। हार मानकर हर फ़ैसला उन्हीं को लौटा देना इस बात पर मुहर लगाता है कि सब कुछ उनके क़ाबू में रहना ज़रूरी है।
पता नहीं, किस तरह की बातचीत आपसे टलती रहती है? कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल क्विज़ दें।
स्थिति
- मध्यम
साँस लेने की जगह
आपके टीम लीड की ज़िद: आपके काम की हर छोटी बात की जाँच, और आपकी क़ाबिलियत पर सवाल।
गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में): How to deal with a micromanaging boss
यही स्तर
- पत्थर की दीवारकुछ हाथ नहीं आता। बस इंतज़ार, जब तक आप थक न जाएँ।
- आगबबूलाहर समस्या एक आपातकाल है। ऊँची आवाज़ में।
- इमोशनल ब्लैकमेलरउनकी समस्या, आपका अपराधबोध।
- टोका-टाकीआपकी बात तब तक कटती रहती है, जब तक आप हार न मान लें।
- बतंगड़बाज़एक चूक, और सब कुछ ढह जाएगा।
- तानेबाज़तब तक कोंचना, जब तक आप भड़क न जाएँ, फिर आप पर उँगली।
- अफ़सरशाहनियम तो नियम हैं। ख़ासकर ग़लत वाले।