आपका कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल क्या है?
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टकराव से निपटने का किसी के पास सिर्फ़ एक तरीका नहीं होता। किसी दिन अपनी बात पर ज़ोर देने का मन होता है, किसी दिन बीच का कोई सौदा ढूँढने का, और किसी दिन बात को जाने देने का। फिर भी ज़्यादातर लोगों का एक तरीका ऐसा होता है जिस पर हाथ सबसे पहले जाता है, ख़ासकर दबाव में: जब कोई सहकर्मी आपके काम का क्रेडिट ले उड़े, जब पार्टनर को कुछ और चाहिए हो, या जब माता-पिता में से कोई वही पुरानी बात फिर छेड़ दे जो हर बार छिड़ती है।
इस क्विज़ में बारह रोज़मर्रा की स्थितियाँ हैं: दफ़्तर में, पार्टनर के साथ, परिवार में और दोस्तों के साथ। हर स्थिति में वह जवाब चुनें जो आपके असली बर्ताव के सबसे क़रीब हो, न कि वह जो आपको लगता है कि करना चाहिए। आख़िर में दिखेगा कि पाँच कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल में से कौन-सा आपकी पहली सहज प्रतिक्रिया है, वह किस काम आता है, और उसका दायरा कैसे बढ़ाएँ।
पाँच कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल
- प्रतिस्पर्धाआपको जो चाहिए, उसे साफ़ कहना और अपनी बात पर टिके रहना आपका तरीका है। जो बात मायने रखती हो, उसे जाने देने से बेहतर आपको उस पर बहस कर लेना लगता है। लोगों को आपका रुख़ जानने के लिए कभी अंदाज़ा नहीं लगाना पड़ता, और फ़ैसले हो जाते हैं। दायरा बढ़ाने का अगला क़दम: अपनी बात कह देने के बाद भी दूसरे पक्ष को जानने की उत्सुकता बनाए रखना, ताकि साफ़गोई की क़ीमत रिश्ते को न चुकानी पड़े।
- सहयोगआपके लिए टकराव एक साझा समस्या है। सवाल पूछना, अपनी ज़रूरत बताना, और तब तक लगे रहना जब तक हल दोनों के लिए ठीक न बैठे, यही आपका तरीका है। लोगों को लगता है कि आपने उनकी बात सुनी, और आपके निकाले हल अक्सर टिकते हैं। दायरा बढ़ाने का अगला क़दम: यह पहचानना कि कब कोई समस्या इतनी छोटी है, या सामने से दिलचस्पी इतनी कम है, कि पूरी प्रक्रिया की ज़रूरत ही नहीं।
- समझौताबीच का रास्ता निकालना आपका तरीका है। जब दो लोग अलग-अलग चीज़ें चाहें, तो आपकी नज़र ऐसे लेन-देन पर जाती है जिससे सब आगे बढ़ सकें: आधा-आधा, या पहले तुम्हारी बारी, फिर मेरी। इससे बात जायज़ भी रहती है और जल्दी भी निपटती है, और लोगों को आपकी बात तर्कसंगत लगती है। दायरा बढ़ाने का अगला क़दम: यह पहचानना कि कब बीच का रास्ता दोनों तरफ़ के विकल्पों से भी ख़राब है, या कब बीच का बिंदु किसी और ने तय कर दिया है।
- टालनाबात में न उलझकर शांति बनाए रखना आपका तरीका है: विषय बदल देना, सही मौक़े का इंतज़ार करना, या यह तय करना कि बात इसके लायक़ नहीं। इससे ताक़त बची रहती है, छोटी बातें छोटी ही रहती हैं, और आपके मुँह से शायद ही कभी ऐसी बात निकलती है जिस पर बाद में पछतावा हो। दायरा बढ़ाने का अगला क़दम: यह पहचानना कि कौन-से मुद्दे अपने आप ख़त्म नहीं होंगे, और उन्हें छोटे रहते ही उठा लेना।
- समायोजनदूसरों की बात मान लेना आपका तरीका है। जब किसी को कोई चीज़ शिद्दत से चाहिए हो, तो वह उन्हें मिल जाती है, क्योंकि उनकी ख़ुशी और रिश्ता आपके लिए मायने रखते हैं। लोगों को आपकी उदारता दिखती है और आपके साथ रहना आसान लगता है, और तनाव भरे पल आपकी वजह से जल्दी शांत हो जाते हैं। दायरा बढ़ाने का अगला क़दम: यह पक्का करना कि आपकी अपनी ज़रूरतों की भी बारी आए, और तब ना कहना जब हाँ की क़ीमत बहुत भारी हो।
ये स्टाइल कहाँ से आए
इन पाँच स्टाइल का वर्णन Kenneth Thomas और Ralph Kilmann ने 1974 में किया था, Robert Blake और Jane Mouton के एक पुराने ग्रिड को आधार बनाकर। आधिकारिक Thomas-Kilmann Conflict Mode Instrument (TKI) एक अलग प्रोडक्ट है, और Nerve Arena का इससे या इसके प्रकाशक से कोई संबंध नहीं है। यह क्विज़ मौलिक और अनौपचारिक है: अपनी आदतों पर सोचने का एक झटपट तरीका, कोई प्रमाणित आकलन नहीं।
क्विज़ से जुड़े सवाल
- क्या कोई एक कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल सबसे अच्छा है?
- नहीं। हर स्टाइल किसी स्थिति में सही फ़ैसला है और किसी में महँगा पड़ता है। वक़्त कम हो तो प्रतिस्पर्धा ज़रूरी चीज़ों की रक्षा करती है, टालना आपकी ऊर्जा उन मुक़ाबलों के लिए सँभालकर रखता है जो सच में मायने रखते हैं, और समायोजन रिश्तों में गर्माहट बनाए रखता है। टकराव में माहिर होने का मतलब है वह स्टाइल चुनना जो उस पल को चाहिए, न कि हर बार वही एक।
- क्या कॉन्फ़्लिक्ट स्टाइल बदल सकता है?
- हाँ। आपका नतीजा एक आदत दिखाता है, कोई पक्का गुण नहीं। यह माहौल के साथ बदलता है (बहुत-से लोगों का रवैया दफ़्तर में सख़्त और घर पर नरम होता है) और अभ्यास के साथ भी। जिन बातचीतों में ज़्यादा कुछ दाँव पर न हो, उनमें कोई कम जाना-पहचाना स्टाइल आज़माना सबसे तेज़ तरीका है, ताकि जब बहुत कुछ दाँव पर हो, तब वह तैयार रहे।
- क्या यह Thomas-Kilmann टेस्ट (TKI) है?
- नहीं। यह Nerve Arena का बनाया एक मौलिक, अनौपचारिक क्विज़ है। इसमें वही पाँच स्टाइल हैं जिनका वर्णन Thomas और Kilmann ने किया था, लेकिन इसका कोई भी सवाल आधिकारिक Thomas-Kilmann Conflict Mode Instrument से नहीं लिया गया है, और Nerve Arena का इससे या इसके प्रकाशक से कोई संबंध नहीं है।
- मुझे अपने नतीजे का क्या करना चाहिए?
- अपने स्टाइल का पेज पढ़ें, ताकि पता चले कि वह कहाँ काम आता है और आपको उसकी क्या क़ीमत चुकानी पड़ती है, फिर इस हफ़्ते आज़माने के लिए दायरा बढ़ाने वाली एक चाल चुनें। उससे भी बेहतर: पहले उसकी रिहर्सल कर लें। Nerve Arena में मुश्किल बातचीत की प्रैक्टिस एआई विरोधियों के साथ होती है, ताकि असली बातचीत आपकी पहली कोशिश न हो।